मष्टो पूजन संस्कृति र परम्परालाई आधार मान्दा हाल प्रचलनमा रहेका बाह्र भाइ मष्टो लाई जेठोदेखि कान्छोसम्मको क्रमअनुसार पूजा गरिन्छ। मष्टो परम्परा मुख्यतः शिव र शक्ति उपासनामा आधारित रहेको देखिन्छ, जसले खस–आर्य, किरात तथा अन्य सम्प्रदायमा कुलपूजाको महत्वपूर्ण स्थान ओगटेको छ।
मष्टोका नौ दिदीबहिनी (शक्ति स्वरूप)
मष्टो परम्परामा शक्तिलाई नौ दिदीबहिनी को रूपमा पूजा गरिन्छ। ती यसप्रकार छन्:
| क्रम | दिदीबहिनी (शक्ति) |
|---|---|
| १ | कालिका |
| २ | मालिका |
| ३ | कनकासुन्दरी |
| ४ | त्रिपुरासुन्दरी |
| ५ | जालपादेवी |
| ६ | खेसमालिनी |
| ७ | ठिड्याल्नी |
| ८ | हिमालीनी |
| ९ | विन्ध्यवासिनी |
यी शक्तिहरूलाई कतै देवी, कतै दुर्गा वा महाकाली को नामबाट पनि पुज्ने परम्परा छ।
स्थानिक प्रभावसहित १०९ मष्टोको नामावली
मष्टोहरूमा स्थानिक नामको प्रभाव बढी देखिन्छ। तल १ देखि १०९ सम्म क्रमबद्ध नामावली प्रस्तुत गरिएको छ।
🔸 मष्टो सूची (१–२०)
| क्रम | मष्टो नाम | क्रम | मष्टो नाम | |
|---|---|---|---|---|
| १ | ढँडार मष्टो | २ | खापर (खप्तड) / खप्पर | |
| ३ | तेडी मष्टो | ४ | कवा मष्टो | |
| ५ | कालशिलो मष्टो | ६ | विनायक मष्टो | |
| ७ | बुडु मष्टो | ८ | थार्प मष्टो | |
| ९ | गुरो मष्टो | १० | दाहे मष्टो | |
| ११ | दुधे मष्टो | १२ | बाबिरो मष्टो | |
| १३ | सुनार | १४ | लाकुडो | |
| १५ | उखाडी | १६ | रुम | |
| १७ | छल | १८ | राउतकोट्या | |
| १९ | काफल्ना | २० | पूइक |
🔸 मष्टो सूची (२१–४०)
| क्रम | मष्टो नाम | क्रम | मष्टो नाम | |
|---|---|---|---|---|
| २१ | बाम (बामन) “ | २२ | बाँटपाल (वाणपाल) “ | |
| २३ | रामपाल “ | २४ | लडीपाल “ | |
| २५ | सोलुपाल “ | २६ | क्षेत्रपाल “ | |
| २७ | वनपाल “ | २८ | लोहासुर “ | |
| २९ | दूवेशिला “ | ३० | हगुरो “ | |
| ३१ | सीमताडी “ | ३२ | भीम (भूइन) “ | |
| ३३ | सुम्लेगुरो “ | ३४ | भूइगुरो “ | |
| ३५ | ह्याङ्ग्रा “ | ३६ | रागामालचुला “ | |
| ३७ | दयाशिला “ | ३८ | भुवार “ | |
| ३९ | कैलाश “ | ४० | लामा विष्णु “ |
🔸 मष्टो सूची (४१–६०)
| क्रम | मष्टो नाम | क्रम | मष्टो नाम | |
|---|---|---|---|---|
| ४१ | जगन्नाथ “ | ४२ | कुडाता “ | |
| ४३ | लट्या “ | ४४ | कालीकोटे “ | |
| ४५ | हिङ्गाल “ | ४६ | लड्या “ | |
| ४७ | भईरो “ | ४८ | सिद्ध “ | |
| ४९ | तेडी / टेढी “ | ५० | गच्चु “ | |
| ५१ | कालढुङगी “ | ५२ | ढुंगीढुस्की “ | |
| ५३ | सार्कीद्यौ “ | ५४ | उब्ज्या “ | |
| ५५ | बान्ने “ | ५६ | शम्भु “ | |
| ५७ | भुईफुटो “ | ५८ | धूरगाँ “ | |
| ५९ | ठिंगला “ | ६० | धूपीरुख्या “ |
🔸 मष्टो सूची (६१–८०)
| क्रम | मष्टो नाम | क्रम | मष्टो नाम | |
|---|---|---|---|---|
| ६१ | बाजकोट “ | ६२ | धौतुपुऱ्या “ | |
| ६३ | भात्याखोला “ | ६४ | पन्त्या “ | |
| ६५ | महाबै “ | ६६ | कुलद्यौ “ | |
| ६७ | महाद्रियो “ | ६८ | रहद्यौ “ | |
| ६९ | शिखर “ | ७० | लाटोद्यौ “ | |
| ७१ | चुनद्यौ “ | ७२ | कुलसैनी “ | |
| ७३ | लाटोबाउन “ | ७४ | सुपारीपण्डित “ | |
| ७५ | मशालो “ | ७६ | ध्याल्यानी “ | |
| ७७ | रुमाला “ | ७८ | टढी “ | |
| ७९ | मण्डली “ | ८० | सड्या “ |
🔸 मष्टो सूची (८१–१०९)
| क्रम | मष्टो नाम | क्रम | मष्टो नाम | |
|---|---|---|---|---|
| ८१ | मुण्डा | ८२ | रुद्र | |
| ८३ | कैली | ८४ | काला | |
| ८५ | खप्पर (खप्तड) | ८६ | गन्याय | |
| ८७ | लोखाली | ८८ | लिउड | |
| ८९ | काफल | ९० | सीमा | |
| ९१ | दुसापानी | ९२ | डढी / शीतल | |
| ९३ | कुर्मी | ९४ | रमाल | |
| ९५ | बाइफालो | ९६ | रमाफाल | |
| ९७ | महारुद्र द्यौता | ९८ | बाँसकोट्या | |
| ९९ | पुआँल्या / पुवौला | १०० | कुँडा | |
| १०१ | साइन | १०२ | धुरापनी | |
| १०३ | बडाबडा | १०४ | तलिकोट्या | |
| १०५ | श्वेता | १०६ | पँचालो | |
| १०७ | रूपा | १०८ | काला | |
| १०९ | स्थुना / स्थाना |
निष्कर्ष
के.एन. शर्माले खस जातिको परिचय र लोकसंस्कृति पुस्तकमा ८४ मष्टो को उल्लेख गरेका छन्। स्थानगत भेद, परम्परा र पूजन पद्धतिअनुसार मष्टोको संख्या १०९ सम्म विस्तार भएको मानिन्छ।
खस–आर्य संस्कारमा शिव, शक्ति र मष्टोलाई कुलदेवता को रूपमा मानेर पूजा गरिन्छ।
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